Kanpur: Trader Duped Of 2.31 Crores By Promising To Double Money And Return 5 Lakhs – Amar Ujala Hindi News Live

Kanpur: Trader Duped Of 2.31 Crores By Promising To Double Money And Return 5 Lakhs – Amar Ujala Hindi News Live


गोल्ड लोन में निवेश के नाम पर शहर के एक कपड़ा कारोबारी से 2.31 करोड़ रुपये की ठगी हो गई। एक लिंक के माध्यम से निवेश में रुपये दोगुना करने का झांसा देकर फंसाया गया। इसके बाद एक वाॅलेट में रुपये जमा कराए गए। साइबर ठगों ने उन्हें विश्वास में लेने के लिए 5.14 लाख रुपये वापस भी किए। हैरत की बात है कि व्यवसायी करीब चार माह तक लगातार वाॅलेट में रुपये जमा करता रहा। रुपये वापस निकालने पर जब ठगों ने आनाकानी शुरू की तो ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने साइबर सेल में तहरीर दी है। साइबर सेल ने जांच शुरू की तो पता चला कि देश के अलग-अलग जनपदों में यह पैसा कुल 15 खातों में डलवाया गया। इसमें एक आईपी (इंटरनेट प्रोटोकॉल) सिंगापुर का भी मिला है, जिसकी जांच चल रही है। इससे स्पष्ट है कि पैसा वहां भी गया है।

Trending Videos

पांडुनगर निवासी व्यवसायी गौरव बजाज ने नवंबर 2024 में फेसबुक पर एक लिंक पर क्लिक किया तो वेबसाइट खुल गई। उसके पेज पर चैट शुरू हुई तो उन्हें गोल्ड में निवेश कर फायदा कमाने को कहा। कारोबारी को बैंक खाते की डिटेल भेज रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। कारोबारी ने 25 नवंबर 2024 से मार्च 2025 तक विभिन्न बैंक खातों में 2,31,85,76 रुपये ट्रांसफर कर दिए। निवेश की रकम का लाभांश लेने की बारी आई तो उनके ट्रेडिंग खाते में रकम दिख तो रही थी लेकिन उसे निकाल नहीं पा रहे थे। इस पर उन्होंने वेबसाइट के पेज पर ही उस कंपनी से अपने लाभांश मांगा तो उन्हें जीएसटी, रजिस्ट्रेशन चार्ज आदि के नाम पर और पैसा मांगा जाने लगा। इस पर उन्होंने साइबर थाने में तहरीर दी। साइबर थाना प्रभारी के मुताबिक जांच चल रही है।

कई राज्यों के खातों में मंगाया पैसा

ठगों ने कारोबारी से गुजरात, झारखंड, केरल, तमिलनाडु, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र, बंगाल के 20 बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई। पीड़ित की शिकायत के बाद साइबर क्राइम टीम उन सभी बैंक खातों की ई-मेल से जानकारी मांगी। खातों में जमा रुपयों को फ्रीज करने की बात लिखी 50 से 60 लाख रुपये ही फ्रीज हो सके हैं। बाकी ठगों ने दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *