Mayor Meenal Chaubey on Raipur nagr nigam budget 2025: रायपुर नगर निगम में 15 साल बाद बीजेपी सत्ता में आई है। ऐसे में भाजपा महापौर मीनल चौबे 28 मार्च को अपना पहला बजट पेश करेंगी। इसे लेकर निगम प्रशासन की तैयारी पूरी हो चुकी है। मेयर अपने पहले बजट को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि इस बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा जाएगा। सभी वर्ग के लिये सुविधाओं का समावेश होगा।
अमर उजाला से खास बातचीत में रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने कहा कि हमारी नई परिषद का जो बजट है, वह 28 मार्च को पेश किया जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए कुछ ना कुछ बेहतर कर सके। सबके लिए कुछ अच्छा कर पाए हैं, यही कोशिश रहेगी। पूर्व की शहरी सरकार (पूर्व महापौर एजाज ढेबर) पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारा बजट कट, कॉपी, पेस्ट नहीं बल्कि वास्तविक बजट होगा। हमारी पूरी-पूरी कोशिश यही रहेगी कि बजट में हम जो शामिल करें, उसे धरातल पर भी लागू कर सके। रायपुर की जनता को अच्छी से अच्छी सौगात दे सके।

‘महिला सशक्तिकरण पर फोकस’
वहीं बजट के आकार के सवाल पर कहा कि यह गोपनीय है, इसे जानने के लिए 28 मार्च का इंतजार करना पड़ेगा। रायपुर नगर निगम की दूसरी महिला महापौर होने के सवाल पर कहा कि मैं महिला महापौर हूं और मुझे हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखना है। हालांकि इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है। क्योंकि मैं रायपुर नगर निगम की महिला महापौर हूं तो महिला सशक्तिकरण पर पूरा फोकस रहेगा।

बजट की पूरी तैयारी: नगर निगम आयुक्त
वहीं नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि नगर निगम के बजट को लेकर निगम प्रशासन की तैयारी अंतिम चरण में है। जो भी उचित कार्रवाई बजट के लिए होनी है, वह की जा रही है। बैठकों का अंतिम दौर जारी है। सारे विभागों के बजट के समीक्षा की जा रही है। इसके बाद 28 मार्च को नगर निगम का बजट प्रस्तुत किया जाएगा।

पूर्व मेयर ने पेश किया था 1901 करोड़ का बजट
इससे पूर्व रायपुर के पूर्व कांग्रेस मेयर एजाज ढेबर ने 21 फरवरी 2024 को 1901 करोड़ 31 लाख 93 हजार का बजट पेश किया था। उस बजट में 10.15 करोड़ रुपए की लागत से ‘वर्ल्ड स्किल सेंटर’ तैयार करने के साथ ही कला एवं संस्कृति केंद्र की स्थापना करने की घोषणा की गई थी। कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना , मिनी स्टेडियम निर्माण, वेंडिंग जोन, स्टार्टअप स्टूडियो और को वर्किंग सेंटर बनाने आदि घोषणाएं हुई थी पर धरातल पर सारे घोषणाएं नाम मात्र की रह गईं।